महिमा -३ होवे स्वराग मे
महिमा -३ होवे स्वराग मे, धरती के लोगों………
गाते (महिमा) -३
१. स्वर्ग धारा को सृजानेवाला, स्वर्ग धारा के पालनहार
स्वर्ग धारा के अंतर यामी, होवे महिमा तेरी………..
दहरती बन उपबन में ---२
२. गाते हैँ सब स्वर्ग दूत गान, धरती में होवे तब यशगान
जगत के पाप तू हार लेता है, दया करो प्रभु
पापी, मानुष पर, होवे महिमा तेरी……………..
धरती बन उपबन में ---२
३. पिता के दाहिने बिराजमान है, सुनले बिनय हमारे प्रभु
पवित्र आत्मा सांग समाए, तू ही है प्रभु सबसे महान
होवे महिमा तेरी……धरती बन उपबन में ------२
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