M37 to M50, M37 Tu Hai Swami, M38 Mukti Dilaye, M39 Jeewan Ke Andhere Mein, M40 Mere Prabhuwar, M41 Hey Prabhu Tera Bandan Ho, M42 Bhagwan Mera Sahara, M43 Bhagwan Ke Naam Hajaro, M44 Mohe Lagi Lagan, M45 Biswash Hai Tumse, M46 Mere Prabhu Mere Ishwar, M47 Mere Prabhu, M48 Tu Bishal Hai, M49 Prabhu Ka Naam, M50 Sara Jahan,
M-37 तू है स्वामी
तू है स्वामी तू चरवाहा निगाह मुझ पे तेरी सदा
१. जहाँ-जहाँ है हरियाली, वहाँ मुझे तू लिये चला-२
२. जहाँ बहे झरना मीठा, वहाँ मुझे तू लिये चला-२
३. जहाँ दिव्य सत् की छाया, वहाँ मुझे तू लिये चला-२
४. जहाँ नहीं है डर कोई, वहाँ मुझे तू लिये चला-२
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M-38 मुक्ति दिलाये
मुक्ति दिलाये येसु नाम शांति दिलाये येसु नाम- २
१. येसु दया का गहरा सागर (२) येसु है दाता महान्-२
२. चरनी में तू ने जन्म लिया येसु (२) सूली पे किया विश्राम-२
३. हम सब के पापों को मिटाने (२) येसु हुआ बलिदान-२
४. हम पर भी येसु कृपा करना (२) हम हैं पापी नादान-२
M-39 जीवन के अंधेरे में
जीवन के अंधेरे में प्रभु दीप जला देना
ढूँढ़ने को कहाँ जायें, प्रभु राह दिखा देना
१. हम प्यासे हैं दर्शन को और ढूँढ़ रहे तुमको-२
हम दास तुम्हारे हैं हमको न भुला देना
२. नैया जो पड़ी मझधार और टूट चुकी पतवार-२
आने की दया करना और पार लगा देना
M-40 मेरे प्रभुवर
मेरे प्रभुवर मेरे ईश्वर, तू है पालक हम हैं सेवक
भर दे दिल में प्रेम के अरमान, मेरे प्रभुवर मेरे ईश्वर
१ तेरी वाणी प्रेम से भरपूर, मधुर मधुर है अति मनोहर
२. तेरा हृदय शान्ति का सागर, पापी दिल को करता शीतल
३. तेरे दर्शन के हम प्यासे, पुनर्मिलन के हम अभिलाषी
४. आत्मा मेरी तव यश गाती, प्रेम मुदित होकर बधाई
M-41 हे प्रभु तेरा वन्दन हो
हे प्रभु तेरा वंदन हो, हे प्रभु तेरा कीर्तन हो-२
वंदन हो तेरा प्रभु जी वंदन हो तेरा-२
१. तेरी महिमा तेरी गरिमा गुँजित सकल जहान्-
वंदन हो तेरा प्रभु जी वंदन हो तेरा-२
२. परिपूरित है अवनी-अंबर गुंजित सकल जहान्-२
वंदन हो तेरा प्रभु जी वंदन हो तेरा-२
M-42 भगवान मेरा सहारा
भगवान तू है मेरा जीवन सहारा
तेरे बिना मैं कुछ भी नहीं
१. तेरे सहारे मैं जीवन को पाता तेरे बिना मैं नहीं कुछ कर सकता
२. तेरे सहारे मैं मुक्ति को पाता तेरे बिना मैं नहीं कुछ कर सकता
३. तेरे सहारे मैं शांति को पाता तेरे बिना मैं नहीं कुछ कर सकता
४. तेरे सहारे मैं भव सागर तैरता तेरे बिना मैं नहीं कुछ कर सकता
M-43 भगवान के नाम हजारों
भगवान के नाम हजारों (२) कौन नाम भजूँ मैं
नाम भजूँ मैं नाम जपूँ मैं
१. जाने न जाने किसने बनाया जाने न जाने कैसे वो आया
जग में मैं जिसका पुजारी कौन नाम जपूँ मैं
२. निरंतर निरंतर पवित्र आत्मा है वो मालिक और परमात्मा
जग में मैं जिसका पुजारी कौन नाम भजूँ मैं
M-44 मोहे लागी लगन
मोहे लागी लगन प्रभु पावन की २
१. सुधि ले प्रभु मोहे कल न पड़त है, रूचि लागी मन भावन की
२. विपदा में प्रभु जग लिपटो है, मन ताके तोरे आवन की
३. तुम बिन आँखियाँ बरस रही है, काली घटा जिमी सावन की
४. दर्शन दो प्रभु ईश हमारे, प्यास मिटे इन नयनों की
M-45 विश्वास है तुझमें
विश्वास है तुझमें तेरा प्यार है मुझमें
१. तेरे साथ हम चलते हैं, तेरे साथ हम जीते हैं-२
२. तेरा प्यार है एक नैया, उस पार हमें पहुँचा दे-२
M-46 मेरे प्रभु मेरे ईश्वर
मेरे प्रभु मेरे ईश्वर तुझ बिन प्रभु मैं जाऊँ कहाँ
जाऊँ कहाँ मैं जाऊँ कहाँ जाऊँ कहाँ मैं जाऊँ कहाँ
१. तू ही मेरा पालक तू ही मेरा चालक
तू ही मेरा दर्शक तू ही मेरा रक्षक
२. तू ही मेरी नैया तू ही मेरा पतवार
तू ही तो सहारा तू ही तो किनारा
३. तू ही मेरी साँस तू ही मेरी आस
तू ही तो है पानी मेरा जीवन प्यारा
मेरे प्रभु M-47
मेरे प्रभु तू मुझको बता, तेरे सिवा मैं क्या करूँ-२
तेरी चमक के सामने, दीपक जला के क्या करूँ-२
१. काँटों में बस रहे हो तुम, कलियों में खिल रहे हो तुम-२
मेरे ही मन में आन बसो, मंदिर में जाके क्या करूँ-२
२. शिक्षाएँ मुझको दीजिए, अपनी शरण में लीजिए-२
ऐसा प्रबंध कीजिए सेवा में लीन रहा करूँ-२
तू विशाल है M-48
तू विशाल है तू महान् है, तेरी सृष्टि सारा जहान् है
तू विशाल है
१. तेरे गीत गाये जो भाव से उसे थाम कर अनुभव से-२
तू करे उस पर दया (२) तू दयालु है तू सुजान है-२
२. कोई भूल हो तो क्षमा करो मेरे आँसुओं को जमा करो-२
पास मेरे वेदना (२) तू ही साँस है तू ही प्राण है-२
प्रभु का नाम सहारा M-49
प्रभु का नाम सहारा मेरा २
मैं हूँ नैया वो किनारा-२
प्रभु का नाम
१. गाए प्रतिदिन दिल मेरा (२) साँझ हो या हो सबेरा-२
झन झन झन बोले मेरे दिल के तार- २
२. कैसा पावन दर तेरा (२) हर कोई पाये बसेरा-२
देखा न तेरे जैसे खेवनहार २
३. मेरा जीवन है तेरा (२) बन गया तू मीत मेरा-२
तू ही ले जाए प्रभु दुःख से पार २
M-50 सारा जहान
सारा जहान् प्रभु तेरा मंदिर
कण कण में करूँ तेरा दर्शन
१. बयारों में सुनी आवाज मधुर, मुझको सुनाती है तेरा वचन- २
धरा पर बिछा है हरा परिधान, झरनों में बहता है कृपा वरदान-२
२. गगनों में कितना भाव उभरा, तारों में चमका तेरा चेहरा २
मानव को अपना रूप दिया, दिलों में तू ने वास किया-२
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