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K72 Mein Gunahon Mein Palta Raha मैं गुनाहों में पलता रहा

 K72 Mein Gunahon Mein Palta Raha मैं गुनाहों में पलता रहा

मैं गुनाहों में पलता रहा, तेरे विपरीत चलता रहा

तेरी ज्योति जो देखी प्रभु, मेरा जीवन बदलने लगा

१. तेरे दर पे न आया कभी न ये मस्तक झुकाया कभी-

तेरा नाम लिया ना (२) मन से सुमिरन किया ना

२. मैंने बत्ती जलाई नहीं तेरी सच्चाई पाई नहीं-२

तेरा नाम लिया ना (२) मन से सुमिरन किया ना

३. मैंने माना न मन का कहा सारा जीवन भटकता रहा -२

तेरा नाम लिया ना (२) मन से सुमिरन किया ना

४. मुझे अब तू क्षमा कर प्रभु मैं गिरा हूँ उठाकर प्रभु-

मेरा पाप मिटा दे (२) मुझको पावन बना दे

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