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K69 Meine Jeebit prabhu Ko Paya मैंने जीवित प्रभु को पाया

 K69 Meine Jeebit  prabhu Ko Paya मैंने जीवित प्रभु को पाया

मैंने जीवित प्रभु को पाया

मेरा हृदय नाच उठा, नाच उठा

१. वह मुझ से कहता, मैं हूँ रोटी तेरी आत्मा जिससे पलती

मांस मेरा सेवन करता स्वर्ग धाम है वह पाता

२. वह मुझसे कहता, दाखलता हूँ जो हर अंकुर को सहलाये

जीवन रस का पान करे जो, अगणित फल है वह पाता

३. वह मुझसे कहता, मैं हूँ जीवन जो अनंत का भाग्य बदल दे

जो कोई मुझमें है बस जाता निज समाधि से उठ पाता

४. वह मुझसे कहता, राह वही हूँ परम पिता जहाँ तुझको ढूँढ़े

पचिह्नों पर चल तू मेरे साथ मेरे उसको पाता

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