K62 Pyasa Hiran प्यासा हिरण
प्यासा हिरण जैसे ढूँढ़े हैं जल को
वैसे प्रभु मैं तुझे खोज रहा-२
१. तू ही मेरे मन की अभिलाषा (२) तेरी पूजा निशि दिन करता रहूँ मैं-२
२. सोना चान्दी मैं तो न माँगू (२) मन तेरे प्रेम से भरता रहूँ मैं-२
३. तू जो बन जाए श्रद्धा सुमन (२) पुष्प पराग सा झरता हूँ मैं-२
४. तू जो मेरे दिल में वास करे (२) पाप से नित-दिन डरता रहूँ मैं-२
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