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K61 Taras Raha hoon तरस रहा हूँ

 K61 Taras Raha hoon तरस रहा हूँ

तरस रहा हूँ मेरे प्रभु तुझसे जीवन पाने को

बन जा मेरा तू मेहमान कर तू मेरी ओर ध्यान-२

१. अजब कहानी मेरी है परदेशी मैं सारे जहान्-२

करूणा कर तू मेरे नाथ मेरी ओर मेरी ओर

२. कितना भला कितना महान् तेरा प्यारा-प्यारा नाम-२

करुणा कर तू मेरे नाथ मेरी ओर मेरी ओर

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