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K59 Prabhu Tor Chamak Ko प्रभु तेरे चमन को

 K59 Prabhu Tor Chamak Ko प्रभु तेरे चमन को

प्रभु तेरे चमन को देख ले नये नये फूल खिले हैं-२

कहाँ-कहाँ लगाओगे (रोपोगे) फूल तेरा को-२

१. जहाँ तैयार है कटनी फसल, जहाँ कमी है मजदूरों की

वहीं लगाओगे वहीं रोपोगे-२

२. जहाँ अंधकार है मन दिलों का, जहाँ घृणा है दुश्मनों की

वहीं लगाओगे वहीं रोपोगे-२

३. जहाँ भेड़ें हैं बिन चरवाहे के, जहाँ भूमि है बिन पानी के

वहीं लगाओगे वहीं रोपोगे-२

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