K7 प्रभु राजा मेरे दिल में आजा
प्रभु राजा मेरे दिल में आजा -२
अंधेरी नगरी में दीपक तू जगमगा जा
१. सूना मंदिर मन का, सूनी दिशाएँ हैं- २
राग नहीं कहीं वंदनहीन मन है प्रेम का भी अभाव
२. पानी बिन मीन जैसे तेरे बिन मन मेरा -२
शांति न पाए, पल भर भी चैन न पाए, पाए नहीं विश्वास
३. दूर निवास तेरा धंधे न आश मेरा -२
बजे न बीणा खण्डित जो तारे, मीठी नहीं झंकार
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