K6 बस जाओ
बस जाओ तुम मंदिर मेरे अन्तर्यामी प्रभु
ओ अंतर्यामी प्रभु
१. प्यासा मन ये तुझे पुकारे अपनालो, अपनालो
वाणी मेरी नहीं निकलती तुम बोलो, तुम बोलो
२. साँझ सबेरा तूने बनाया दुनिया में, दुनिया में
कैसी सुन्दर रचना तेरी राजनहार, सृजनहार
३. आस लगाये निरख रहा हूँ अपना लो, अपना लो
आशा होगी कब ये पूरी बतलाओ, बतलाओ
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