K24 दिल में बसाऊँगा
दिल में बसाऊँगा फूल से सजाऊँगा
आजा-आजा मेरे येसुआजा
शाम ढल रही है देख आजा मेरे येसु आजा
१. मेरा घर आँगन सूना सूना है बिन तेरे येसु है मेरे नाथ
मीठे-मीठे झरने हरी हरी घासें
तेरी चरागाहों में कितने सुहावने कितने लुभावने
२. मेरा मन मयूर प्यासा प्यासा है बिन तेरे येसु हे मेरे नाथ
रिमझिम रिमझिम वर्षा बहता-बहता पानी
तेरी चरागाहों में कितने सुहावने कितने लुभावने
३. जग-जड़ चेतन टूटा टूटा है बिन तेरे येसु हे मेरे नाथ
तिनका-तिनका जोड़कर सुर-सुर सजाकर
टूटे जड़ चेतन की गुलशन सँवार दे गीतों में पिरो दे
गुलशन सँवार दे पिरो दे
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