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J12 Pita Hamare jo Ki Rehta पिता हमारे जो की रहता

 

J12 Pita Hamare jo Ki Rehta पिता हमारे जो की रहता

पिता हमारे जो कि रहता

स्वर्ग में विराज नाम होवे धन्य तेरा

आवे तेरा राज

स्वर्ग में पूर्ण इच्छा इसी धरा पर तेरा राज

दो हमको हमारा प्रति दिन का आहार

तू गुनाहों को कर देना माफ

जिस तरह खुद गुनाह हमारा करते माफ

मोह जाल में हमको न डाल हे नाथ

बल्कि बुराई से बचा ।



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