H41 Tan Man Dhan तन-मन-धन
तन-मन-धन सब अर्पण है, तव चरणों में प्रभु,
जीवन अपना लाये हैं, ग्रहण करो हे प्रभु
१. दाखरस रोटी की, भेंट चढ़ाते है, येसु मसीह के संग हर्षित आते हैं
ग्रहण करो प्रभु हम सब जन को, इन उपहारों के संग - २
२. रंग बिरंगे सुमन, तुझको चढ़ाते हैं, स्वाद भरे ये फल अर्पण करते हैं
३, कृतज्ञ हृदय से हम, भेंट चढ़ाते हैं, तेरे वरदान लिए धन्य कहते हैं
This song is Derived from the Prabhu Upasana.
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