E73 Nath Bakhan Karunga Mein नाथ बखान करुँगा मैं
नाथ बखान करूँगा मैं, तेरे नियम का सारे जहाँ,
कभी न होऊँ हताश नाथ, मिले नाथ का मुझे वरदान
१. मेरे हृदय में सुन्दर सुमधुर भाव भरे है
मैं उन्हें इस गीत द्वारा प्रकट कर रहा हूँ
२. मानव संतानों में तू सब से सुन्दर हैं
तेरे मुख पर सौंदर्य की सृष्टि हुई है
३. तू धर्माचरण से प्यार करता है और अधर्म से घृणा
इसलिए ईश्वर ने मुझे पवित्र तेल से अभ्यंजित किया है
This song is Derived from the Prabhu Upasana.
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