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E58 Hey Charwaha हे चरवाहा


E58 Hey Charwaha हे चरवाहा


   है चरवाहा नाथ हमारा, हम सब भेड़-बकरियाँ उसकी
   वह हम सब को देता चारा, हे चरवाहा नाथ हमारा
१. हरी भरी है उसकी चरनी, अन्न और जल से भरपूर
   वह छाया में हमे सुलाता, जब जब सूरज बनता क्रूर
२. स्वर्ग लोक में घर है उसका, चरवाहा उसका जग सारा
   नस-नस में है उसका परिचय, वह तिल-तिल का रखता ध्यान
३. भीतर बाहर सभी तरफ से है उसकी अच्छी पहचान
   वही निरंतर पालन करता वही हमारा है रखवाला

This song is Derived from the Prabhu Upasana.

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