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B47 Ashish De Do Shir Pe Hath आशीष दे दो सिर पे हो हाथ


B47 Ashish De Do Shir Pe Hath आशीष दे दो सिर पे हो हाथ

   आशीष दे दो , सिर पे हो हाथ पाँव पडूं तोरे हे भगवान
१. तेरा वचन है शहद से मीठा तू न जहाँ है सब है झूठा
   चिन्तन करके दिल में बिठाऊँ हर पल तुझसे शांति पाऊँ
२. तेरा भोजन सबसे अनूठा , इसके बिना तो जग है भूखा
   सेवन करके तुझको निहारूँ , पुलकित होकर तुझ पे वारूँ
३. तेरी मोहब्बत जग में न्यारी , बिन तेरे तो दुनिया हारी
   साथ तेरा मैं सबसे निभाऊँ , इत उत जाकर मैं इठलाऊँ
This song is Derived from the Prabhu Upasana of christians religious.

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