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उतर हे आत्मा सृजनहार A3 Utar Hai Atma Srijanhar

A3 Utar Hai Atma Srijanhar उतर हे आत्मा सृजनहार



१. उतर हे आत्मा सृजनहार अपने लोगों को दर्शन दे
   वरदान आशिष से भर जावें जो आत्मा तुने ही सृजीं
२. तू दिलाता है दिलासा सर्वोच्च इश्वर का कृपादान
   जीता सोता आ करुणा और आत्मा का शीतल मरहम
३. सात शाखी झरना कृपा का ईश के दायें हाथ का बरदान
   पिता इश का तु प्रतिज्ञात तु सत्य वाणी का दाता
४. इन्द्री को प्रकाशमन कर दे हृदय में प्रेमाग्नि सुलगा
   झुकती है निचे पापमय देह उसको दिन दिन नया बल दे
५. बैरी को हमसे दुर हटा हमें तुरंत शांति बल दे
   कि पाकर तेरी आगुवाई हानि से हम बचे रहें
६. हम पिता को जान लें तुझसे हो विदित पुत्रेश खीस्त हमें
   तुझी दोनों के आत्मा में दृढ़ विश्वास सदा हम रखें
७. पिता इश्वर की बड़ाई हो पुत्रेश खीस्त की भी जय जय हो
   मुरदों में से जो जी उठा शांतिदाता की भी युग लो, आमेन ।
१. उतर हे आत्मा सृजनहार अपने लोगों को दर्शन दे
   वरदान आशिष से भर जावें जो आत्मा तुने ही सृजीं
२. तू दिलाता है दिलासा सर्वोच्च इश्वर का कृपादान
   जीता सोता आ करुणा और आत्मा का शीतल मरहम
३. सात शाखी झरना कृपा का ईश के दायें हाथ का बरदान
   पिता इश का तु प्रतिज्ञात तु सत्य वाणी का दाता
४. इन्द्री को प्रकाशमन कर दे हृदय में प्रेमाग्नि सुलगा
   झुकती है निचे पापमय देह उसको दिन दिन नया बल दे
५. बैरी को हमसे दुर हटा हमें तुरंत शांति बल दे
   कि पाकर तेरी आगुवाई हानि से हम बचे रहें
६. हम पिता को जान लें तुझसे हो विदित पुत्रेश खीस्त हमें
   तुझी दोनों के आत्मा में दृढ़ विश्वास सदा हम रखें
७. पिता इश्वर की बड़ाई हो पुत्रेश खीस्त की भी जय जय हो
   मुरदों में से जो जी उठा शांतिदाता की भी युग लो, आमेन ।



From Prabhu Upasana of christian Song

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